भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s1.40
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.40
- Language
- Hindi
c25.s1.40
५ 'सूर्यप्रज्ञप्ति' नामक जैन ग्रंथ का टीकाकार मलयगिरि, जो ई. स. की १२वीं शताब्दी के आसपास हुआ, मूल पुस्तक के 'ङ्क' शब्द को ४ का सूचक बतलाता है (अत्र ङ्कम्ब्दोपादानात् प्रासादीया इत्यनेन पदेन सह पदचतुष्टयस्य सूचा कृता —इं. ऐँ; जि. ६, पृ. ४७).