Pramāṇa · Search · About · API

भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s1.75

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s1.75

Language
Hindi

c25.s1.75

हिएरोग्लिफिक अकों का क्रम भारतीय क्रम से, जिसका विवेचन ऊपर पृ. १०३–४ में किया गया है, सर्वथा भिन्न है, क्योंकि उसमें मूल अंकों के चिह्न केवल तीन, अर्थात् १, १० और १०० थे. इन्हीं तीन चिह्नों को बारंबार लिखने से ९९९ तक के अंक बनते थे. १ से ९ तक के अंक, एक के अंक के चिह्न (खड़ी लकीर) को क्रमशः १ से ९ बार लिखने से बनते थे. ११ से १९ तक के लिये १० के चिह्न की बाईं ओर क्रमशः १ से ९ तक खड़ी लकीरें खींचते थे. २० के लिये १० का चिह्न दो बार और ३० से ९० तक के लिये क्रमशः ३ से ९ बार लिखा जाता था. २०० बनाने के लिये १०० के चिह्न को दो बार लिखते थे, ३०० के लिये तीन बार आदि (देखो, पृ. ११३ में दिया हुआ नकशा). इस क्रम में १००० और १०००० के लिये भी एक एक चित्र था३ और १००००० के लिये