भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c25.s2.13
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c25.s2.13
- Language
- Hindi
c25.s2.13
७ तिथिरंशाः खवसुद्विकदशहताः शून्यखमध्यरदघ्नाः (२५८८२९००); अंबरगगनविषयमुनिगुणविवरमंगैर्भजिते (१७९५०००) शशिसुतमस्य (शंकर बालकृष्ण दीक्षितरचित 'भारतीय ज्योतिःशास्त्र, पृ. १६२) आदि; ये वचन 'पुलिशसिद्धांत' से भट्टोत्पल ने उद्धृत किये हैं. खखाष्टमुनिरामाश्विन नावशरराशिवः ( १२८५२२३७८००).। मानां चतुर्युगेनेते परिवर्त्ताः प्रकीर्त्तिताः (वही, पृ. १६३), यह वचन भट्टोत्पल के अनुसार, 'मूलपुलिशसिद्धांत' से है.