भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c27.21
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c27.21
- Language
- Hindi
c27.21
गुजराती लिपि—गुजरात देश में प्रचलित होने के कारण इसको गुजराती कहते हैं. सारे गुजरात, काठियावाड़ और कच्छ में इसका प्रचार है. काठियावाड़ के हालार विभाग के बहुत से लोगों की भाषा कच्छी से मिलती हुई हालारी है और कच्छवालों की कच्छी है परंतु उन लोगों की लिपि गुजराती ही है. यह लिपि भी कैथी की नांई नागरी का किंचित् विकृत रूप ही है. अ, इ, ख, च, ज, झ, फ और ब ये आठ अक्षर त्वरा से लिखे जाने के कारण नागरी से अब भिन्न बन गये हैं. उनमें से ‘ख’ तो ‘ष’ से बना है और ‘इ’ तथा ‘झ’ जैन शैली की नागरी से लिये हैं. इन आठों अक्षरों का विकासक्रम नीचे बतलाये अनुसार है—