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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c27.3

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c27.3

Language
Hindi

c27.3

भारतवर्ष की समस्त वर्तमान आर्य लिपियों का मूल ब्राह्मी लिपि ही है. ये भिन्न भिन्न लिपियां किन किन परिवर्तनों के बाद बनीं यह लिपिपत्र १ से ६४ तक में दी हुई भिन्न भिन्न लिपियों से मालूम हो सकता है. उन सब में नागरी सार्वदेशिक है और बहुधा सारे भारतवर्ष में उसका प्रचार बना हुआ है इतना ही नहीं किंतु यूरोप, अमेरिका, चीन, जापान आदि में जहां जहां संस्कृत का पठनपाठन होता है वहां के संस्कृतज्ञ लोगों में भी उसका आदर है. हिंदी, मराठी तथा संस्कृत के पुस्तक उसीमें छपते हैं. बाकी की लिपियां एकदेशिक हैं और भारतवर्ष के भिन्न भिन्न विभागों में से किसी न किसी में उनका प्रचार है.