भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s2.1
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s2.1
- Language
- Hindi
c30.s2.1
भूर्जपत्न (भोजपत्र)—'भूर्ज' नामक वृक्ष की, जो हिमालय प्रदेश में बहुतायत से होता है, भीतरी छाल है. सुलभता तथा नाममात्र के मूल्य से बहुत मिलने के कारण प्राचीन काल में वह पुस्तक, पत्र आदि के लिखने के काम में बहुत आता था. अल्बेरूनी लिखता है कि 'मध्य और उत्तरी भारत के लोग 'तूज़' (भूर्ज) वृक्ष की छाल पर लिखते हैं. उसको 'भूर्ज' कहते हैं. वे उसके प्रायः एक गज़ लंबे और एक बालश्त चौड़े पन्ने लेते हैं और उनको भिन्न भिन्न प्रकार से तय्यार करते हैं. उनको मज़बूत और चिकना बनाने के लिये वे उनपर तेल लगाते हैं और [घोट कर] चिकना करते हैं, फिर उनपर लिखते हैं७.' भूर्जपत्र लंबे चौड़े निकल आते हैं जिनको काट कर लेखक अपनी इच्छानुसार भिन्न भिन्न लंबाई चौड़ाई के पन्ने बनाते और