भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s3.6
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s3.6
- Language
- Hindi
c30.s3.6
भारतवर्ष के जलवायु में कागज बहुत अधिक काल तक नहीं रह सकता. काग़ज पर लिखी हुई पुस्तकों में, जो अब तक इस देश में मिली हैं, सब से पुरानी ई. स. १२२३-२४ की बतलाई जाती है२, परंतु मध्य एशिया में यारकंद नगर से ६० मील दक्षिणे 'कुगियर' स्थान से ज़मीन में गड़े हुए भारतीय गुप्त लिपि के ४ पुस्तक मि. वेबर को मिले जो ई. स. की पांचवीं शताब्दी३ के आस पास के होने चाहियें. इसी तरह मध्य एशिया के काशगर आदि से जो जो पुराने संस्कृत पुस्तक४ मिले हैं वे भी उतने ही पुराने प्रतीत होते हैं.