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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c30.s3.7

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c30.s3.7

Language
Hindi

c30.s3.7

१ अजमेर के सेठ कल्याणमल ढड्ढा के यहां हस्तलिखित प्राचीन जैन एवं अन्य पुस्तकों का बड़ा संग्रह है. उसमें ज्योतिषसंबंधी पुस्तकों तथा विषयों के संग्रह का २६२ पत्नों का एक पुस्तक है जिसके पत्रांक प्राचीन और नवीन शैली दोनों तरह से दिये हुए हैं. उसके प्रारंभ में दो पत्रों में उक्त संग्रह की पत्रांकसहित विषयसूची भी लगी हुई है जो वि. सं. १४२६ (ई. स. १३७२) में उक्त संग्रह के लेखक श्रीलोक हिताचार्य ने ही तय्यार की थी. उक्त पुस्तक के प्रत्येक पत्रे के मध्य के खाली छोड़े हुए हिस्से में बने हुए हिंगलू के वृत्त में सुराख बना हुआ है और ऊपर नीचे की पाटियों में भी. वहीं के २३५ पत्नों के एक दूसरे पुस्तक में, जिसमें भिन्न भिन्न पुस्तकों का संग्रह है और जो १४ वीं शताब्दी के आस पास का लिखा हुआ प्रतीत होता है (संवत् नहीं दिया), इसी तरह सुराख बने हुए हैं.