भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s12.3
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s12.3
- Language
- Hindi
c31.s12.3
नेपाल के राजा अंशुवर्मन् के लेख में संवत् ३४ प्रथम पौष शुक्ला २ लिखा है३. संभव है कि उक्त लेख का संवत् हर्ष संवत् हो. केंब्रिज के प्रोफेसर ऐडम्स और विएना के डॉक्टर थाम ने हर्ष संवत् ० = ई. स. ६०६ ( वि. संं. ६६३ ) मान कर गणित किया तो 'ब्रह्मसिद्धांत' के अनुसार ई. स. ६४० अर्थात् वि. सं. ६६७ में पौष मास अधिक आता है४. इससे भी वि. सं. और हर्ष संवत् के बीच का अंतर ( ६६७-३४= ) ६६३ तथा ई. स. और हर्ष संवत् का अंतर ६०६ आता है जैसा कि ऊपर बतलाया गया है. यह संवत् बहुधा संयुक्त प्रदेश तथा नेपाल में करीब ३०० वर्ष प्रचलित रह कर अस्त हो गया.