भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s18.18
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s18.18
- Language
- Hindi
c31.s18.18
डॉ. कीलहॉर्न ने एक शिलालेख और पांच हस्तलिखित पुस्तकों में लक्ष्मणसेन संवत् के साथ दिये हुए मास, पक्ष, तिथि और वार को गणित से जांच कर देखा तो मालूम हुआ कि गत शक संवत् १०२८ मार्गशिर सुदि १ (ई. स. ११०६ तारीख २६ अक्टोबर) को इस संवत् का पहिला दिन अर्थात् प्रारंभ मान कर गणित किया जावे तो उन ६ में से ५ तिथियों के वार ठीक मिलते हैं३ परंतु गत शक संवत् १०४१ अमांत कार्तिक शुक्ला १ (ई. स. १११९ तारीख ७ अक्टोबर) को इस संवत् का पहिला दिन मान कर गणित किया जावे तो छहों तिथियों के वार मिल जाते हैं४. ऐसी दशा में अबुलफ़ज़ल का कथन ही ठीक है. इस हिसाब से लक्ष्मणसेन संवत् में १०४०-४१ जोड़ने से गत शक संवत्, ११७५-७६ जोड़ने से गत चैत्रादि विक्रम संवत् और १११८-१६ जोड़ने से ईसवी सन् होगा.