भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c31.s3.5
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s3.5
- Language
- Hindi
c31.s3.5
(इ) दिगंबर संप्रदाय के नेमिचंद्र रचित 'त्रिलोकसार' नामक पुस्तक में भी वीरनिर्वाण से ६०५ वर्ष और ५ महीने बाद शक राजा का होना लिखा है३. इससे पाया जाता है कि दिगंबर संप्रदाय के जैनों में भी पहिले वीरनिर्वाण और शक संवत् के बीच ६०५ वर्ष का अंतर होना स्वीकार किया जाता था जैसा कि श्वेतांबर संप्रदायवाले मानते हैं, परंतु 'त्रिलोकसार' के टीकाकार माधवचंद्र ने त्रिलोकसार में लिखे हुए 'शक' राजा को भूल से 'विक्रम'४ मान लिया जिससे कितने एक पिछले दिगंबर जैन लेखकों ने विक्रम संवत् से ६०५५ (शक संवत् से ७४०) वर्ष पूर्व वीरनिर्वाण होना मान लिया जो ठीक नहीं है. दिगंबर जैन लेखकों ने कहीं शक संवत् से ४६१, कहीं ६७६५ और कहीं १४७६३६ वर्ष पूर्व वीरनिर्वाण होना भी लिखा है परंतु ये मत स्वीकार योग्य नहीं हैं.