भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s7.23
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s7.23
- Language
- Hindi
c31.s7.23
कुछ विद्वानों का मत यह है कि इस संवत् का नाम वास्तव में **‘मालव संवत्’** ही था परंतु पीछे से गुप्त वंश के राजा चंद्रगुप्त (दूसरे) का, जिसके विरुद **‘विक्रम’** और **‘विक्रमादित्य’** आदि४ मिलते हैं, नाम इस संवत् के साथ जुड़ जाने से इसका नाम **‘विक्रम संवत्’** हो गया हो. यह कल्पना तभी ठीक कही जा सकती है जब इतिहास से यह सिद्ध हो जावे कि चंद्रगुप्त (दूसरे) के पहिले विक्रम नाम का कोई प्रसिद्ध राजा नहीं हुआ, परंतु हाल (सातवाहन, शालिवाहन) की **‘गाथासप्तशती’** से यह पाया जाता है कि उस पुस्तक के संगृहीत होने के पूर्व विक्रम नामका प्रसिद्ध राजा हुआ था५. हाल का समय ई. स.
Cites (1)
- Gāhāsattasaī — Hāla, Māhārāṣṭrī Prakrit