Pramāṇa · Search · About · API

भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c31.s7.31

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s7.31

Language
Hindi

c31.s7.31

dagger † कृतेषु चतुर्षु वर्षशतेष्वष्टाविंशेषु ४०० २० ८ फाल्गुण(न)बहुलस्य पञ्चदश्यामेतस्यां पूर्व्वायाँ (फ्ली; गु. इं; पृ. २५३). [^ddagger]: ‡ शिलालेखादि में विक्रम संवत् के वर्ष बहुधा गत लिखे जाते हैं (ऍ. इं; जि. १, पृ. ४०६) वर्तमान बहुत कम. जब कभी वर्तमान वर्ष लिखा जाता है तब एक वर्ष अधिक लिखा रहता है. [^section]: § यातेषु चतुर्षु कि(कृ)तेषु शतेषु सोस्ये(म्ये)ध्या(ष्ट्रा)शीतसोत्तरपदेष्विह वत्स[रेषु]। शुक्ले त्रयोदशदिने भुवि कार्त्तिकस्य मासस्य सर्व्वजनचित्तसुखावहस्य || (फ्ली; गु. इं; पृ. ७४). प्राचीन होना प्रकट करता है इस लिये दंडी और गुणाढ्य दोनों छठी शताब्दी में हुए ऐसा वेबर पंडित ने किस आधार पर माना यह मालूम नहीं होता. अथवा प्रायः यूरोपियन् विद्वानों का यह स्वभाव ही है कि भारतवर्ष के प्राचीनतम ग्रंथों एवं उनके रचयिताओं को अर्वाचीन सिद्ध करने का जहां तक हो सके वे यत्न करते हैं और उनका प्राचीनत्व सिद्ध करने का दृढ प्रमाण मिल भी जावे तो उसको 'प्रक्षिप्त' कह कर अपने को जो अनुकूल हो उसीको आगे करते हैं (अर्थात् ठीक बतलाते हैं) (बंबई के निर्णयसागर प्रेस का छुपा हुआ 'कथासरित्सागर', तीसरा संस्करण, भूमिका, पृ. २).

Linked texts (3)