भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c31.s8.28
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c31.s8.28
- Language
- Hindi
c31.s8.28
२ नृपशालिवाहनशक १२७६ (की; लि. इं. स. इं; पृ. ७८, लेखसंख्या ४५५). इससे पूर्व के थाणा से मिले हुए देवगिरि के यादव राजा रामचंद्र के समय के शक संवत् १२१२ (ई. स. १२९०) के दानपत्र की छपी हुई प्रति में (की; लि. इं. स. इं; पृ. ६७, लेखसंख्या ३७६) में 'शालिवाहनशके १२१२' छपा है परंतु डॉ. फ्लीट का कथन है कि उक्त ताम्रपत्र का अब पता नहीं है और नउसकी कोई प्रतिकृति प्रसिद्धि में आई और जैसे थाना से मिले हुए ई. स. १२७२ के दानपत्र में शालिवाहन का नाम न होने पर भी नक़ल में जोड़ दिया गया वैसा ही इसमें भी हुआ होगा (ज. रॉ ए. सो; ई. स. १६१६, पृ. ८१३). ऐसी दशा में उक्त ताम्रपत्र को शालिवाहन के नामवाला सब से पहिला लेख मान नहीं सकते.