भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c4.30
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c4.30
- Language
- Hindi
c4.30
इस प्रकार के पुस्तक की रचना के लिये बहुत अधिक सामग्री एकत्र करने की आवश्यकता पड़ी. इस कार्य में मेरे कई एक विद्वान् मित्रों ने मेरी सहायता की है जिसके लिये मैं उनका उपकार मानता हूं. उनमें से मुंशी हरबिलास सारडा बी. ए., जज, स्माल काज़ेज़ कोर्ट, अजमेर; प्रसिद्ध इतिहासवेत्ता मुंशी देवीप्रसादजी जोधपुरवाले, और बाबू पूर्णचंद्र नाहर एम. ए., बी. एल., कलकत्ता, विशेष धन्यवाद के पात्र हैं.