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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.113

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.113

Language
Hindi

c7.113

२ हिंकार इति त्र्यक्षरं प्रस्ताव इति त्र्यक्षरं तत्समं । १ । आदिरिति द्वयक्षरं (छांदोग्य उप. २. १०). ‘अक्षर’ शब्द तो संस्कृत के प्राचीन साहित्य में दोनों अर्थों में मिलता है अर्थात् ध्वन्यात्मक (उच्चारित) और संकेतात्मक (लिखित), परंतु ‘वर्ण’ शब्द केवल संकेतात्मक चिह्न के लिये (‘वर्ण’ धातु से = रंगना या बनाना) आता है और ईकार, ऊकार आदि में ‘कार’ (‘कृ’ धातु से = करना) केवल वर्ण के लिये; अतएव ‘वर्ण’ और ‘कार’ प्रत्ययवाले शब्द लिखित संकेतों के ही सूचक हैं.