भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c7.123
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.123
- Language
- Hindi
c7.123
ऋग्वेद में गायत्री, उष्णिक्, अनुष्टुभ्, बृहती, विराज्, त्रिष्टुभ् और जगती छंदों के नाम मिलते हैं३. वाजसनेयि संहिता में इनके अतिरिक्त 'पंक्ति' छंद का भी नाम मिलता है और द्विपदा, त्रिपदा, चतुष्पदा, षट्पदा, ककुभ् आदि छंदों के भेद भी लिखे हैं४. अथर्ववेद में भिन्न भिन्न स्थानों में पृथक् नामों के अतिरिक्त एक स्थान पर छंदों की संख्या ११ लिखी है५. शतपथ ब्राह्मण में मुख्य छंदों की संख्या ८ दी है६; और तैत्तिरीय संहिता७, मैत्रायणी संहिता८, काठक संहिता९ तथा शतपथ ब्राह्मण१० में कई छंदों और उनके पादों के अक्षरों की संख्या तक गिनाई है.