भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.67
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c7.67
- Language
- Hindi
c7.67
ऊपर उद्धृत किये हुए वचन ई. स. पूर्व की छठी शताब्दी के आस पास की दशा के बोधक हैं और उनसे पाया जाता है कि उस समय लिखने का प्रचार एक साधारण बात थी; स्त्रियां तथा बालक भी लिखना जानते थे और प्रारंभिक पाठशालाओं की पढ़ाई ठीक वैसी ही थी जैसी कि अब तक हमारे यहां की देहाती खानगी पाठशालाओं की है, जिनमें लिखना, पट्टीपहाड़े और हिसाब पढ़ाये जाते हैं जब हमारे यहां की प्रारंभिक पढ़ाई का ढंग ई. स. पूर्व की छठी शताब्दी के आसपास से अब तक, अर्थात् क़रीब २५०० वर्ष से, बिना कुछ भी परिवर्त्तन के ज्यों का त्यों चला आया है तब आश्चर्य ही क्या है कि बुद्ध के समय भी बहुत पूर्ववर्ती काल से वैसा ही चला आता रहा हो.