भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.10
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.10
- Language
- Hindi
c8.10
डॉ. आंफ्रेड मूलर का अनुमान है कि सिकंदर के समय यूनानी लोग हिन्दुस्तान में आये उनसे यहां वालों ने अक्षर सीखे. प्रिन्सेप और सेनार्ट४ ने भी यूनानी लिपि से ब्राह्मी लिपि का बनना अनुमान किया और विल्सन५ ने यूनानी अथवा फिनिशियन लिपि से उसका उद्भव माना. हलवे६ ने लिखा है कि ‘ब्राह्मी एक मिश्रित लिपि है जिसके आठ व्यंजन तो ज्यों के त्यों ई. स. पूर्व की चौथी शताब्दी के ‘अरमहक’ अक्षरों से; ६ व्यंजन, दो प्राथमिक स्वर, सब मध्यवर्ती स्वर और अनुस्वार आरियन्नो-पाली(=खरोष्ठी) से; और पांच व्यंजन तथा तीन प्राथमिक स्वर प्रत्यच् वा गौणरूप से