भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.141
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.141
- Language
- Hindi
c8.141
ऐसी ग़लतियां कभी कभी हो जाने के उदाहरण मिल आते हैं. सातवाहन (आंध्र) वंश के राजा शातकर्णी के भिन्न प्रकार के दो सिक्कों पर ‘शतकणिस’ (शातकणैः) सारा लेख एरण के सिक्के की नांई उलटा आ गया है१. पार्थियन् अब्दगसिस् के एक सिक्के पर के खरोष्ठी लेख का एक अंश उलटा आ गया है अर्थात् नागरी की नांई बाईं ओर से दाहिनी ओर है (रॅ;इं. कॉ; पृ. १५). विक्रम संवत् १६४३ के बने हुए इंदौर राज्य के पैसे पर ‘एक पाव आना इंदौर’ यह लेख उलटा आ गया है२. महाक्षत्रप रंजुवुल (राजुल) के एक सिक्के पर खरोष्ठी लेख की तरफ के ग्रीक अक्षर Y और E से बने हुए मोनोग्राम३ में E अक्षर उलटा आ गया है४; परंतु दूसरे सिक्कों पर सीधा है५. एक प्राचीन मुद्रा पर ‘श्रीमसपकुल’ लेख है, जिसमें ‘श्री’ और ‘प’ ये दो अक्षर उलटे आ गये हैं६. ऐसे ही पटना से मिली हुई एक मुद्रा पर के ‘अगपलश’ (अंगपालस्य) लेख में ‘अ’ उलटा आ गया है७.