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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.52

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.52

Language
Hindi

c8.52

इस प्रकार कई एक यूरोपियन विद्वान ब्राह्मी लिपि की उत्पत्ति का पता लगाने के लिये हिअरोटिक (मिसर की), क्युनिफ़ार्म (असीरिया की), फ़िनिशियन, हिमिअरोटिक (सेबियन), अरमइक, और खरोष्ठी लिपियों में से अपनी अपनी रुचि के अनुसार किसी न किसी एक की शरण लेते हैं. आइज़क टेलर इनमें से किसी में भी ब्राह्मी से समानता न देख ओमन, हॅड्रमाँट या ओर्मज़ के खंडहेरों में से किसी नई लिपि के मिलने की राह देखता है और डॉ. राइस डेविड्ज़ युफ्रेटिस नदी की वादी में से सेमिटिक लिपियों से पूर्व की किसी अज्ञात लिपि का पता लगा कर उपर्युक्त भिन्न भिन्न मतों का एकीकरण करने की आशा करता है.