भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c8.69
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c8.69
- Language
- Hindi
c8.69
लिपियों के इस मिलान को पढ़ कर पाठक लोग यह प्रश्न किये बिना न रहेंगे कि जब बूलर फ़िनिशिअन् लिपि के २२ अक्षरों से ब्राह्मी के २२ अक्षरों की उत्पत्ति बतलाता है तब तुम इन लिपियों के समान उच्चारण वाले अक्षरों में से केवल एक 'गिमेल' (ग) अक्षर की ब्राह्मी के 'ग' से समानता होना प्रकट करते हो यह क्या बात है? इसके उत्तर में मेरा कथन यह है कि पृष्ठ २४ में प्राचीन अक्षरों का एक नक्शा३ दिया है जिसमें मिसर के हिअरेटिक, फ़िनिशिअन्, हिमिअरिटिक (सेबियन्) और अरमइक् लिपियों के प्राचीन अक्षर दिये हैं और उनके साथ ही साथ समान उच्चारण वाले खरोष्ठी तथा ब्राह्मी अक्षर भी दिये हैं. उनका परस्पर मिलान करने से पाठकों को मालूम हो ही जायगा कि सेमिटिक और ब्राह्मी लिपि में वास्तविक समानता कितनी सी है. तो भी उनको यह जिज्ञासा रह जायगी कि समान उच्चारण वाले अक्षर तो परस्पर मिलते नहीं, ऐसी दशा में बूलर ने फ़िनिशिअन् के २२ अक्षरों से, जो ब्राह्मी के १८ उच्चारणों४ का ही काम दे सकते हैं, ब्राह्मी के २२ अक्षरों का निकलना कैसे बता दिया. इस लिये हम बूलर के मिलान का कुछ परिचय यहां करा देते हैं.