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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c9.11

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c9.11

Language
Hindi

c9.11

३ 'क्षत्रप' शब्द संस्कृत शैली का सा दीखने पर भी संस्कृत का नहीं किंतु प्राचीन ईरानी भाषा का है, जिसमें क्षत्र या छत्र शब्द का अर्थ 'ज़िला' और 'क्षत्रप' का अर्थ ज़िले का हाकिम होता है. ये क्षत्रप भी बहुधा शक ही थे और प्रारंभ में शक राजाओं की तरफ से ज़िलों के हाकिम या सामंत रहे परंतु पीछे से स्वतंत्र भी हो गये. देश भेद के अनुसार क्षत्रपों के दो विभाग किये जा सकते हैं—'उत्तरी' अर्थात् तक्षशिला, मथुरा आदि के और 'पश्चिमी' अर्थात् मालवा, राजपूताना, गुजरात, काठियावाड़, कच्छ और दक्षिण के. उत्तरी क्षत्रपों में से मनियुल के पुत्र जिहोनिस, आर्त्तस के पुत्र खरमोस्त तथा रंजुवुल (राजुल) आदि के सिक्कों पर और पश्चिमी क्षत्रपों में से केवल भूमक, नहपान, और चष्टन के सिक्कों पर खरोष्ठी लेख मिलते हैं (बाकी सब के सिक्कों पर दूसरी ओर ब्राह्मी के लेख हैं).