भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c9.16
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c9.16
- Language
- Hindi
c9.16
८ मथुरा के महाक्षत्रप राजुल के राज्य समय उसकी अग्रमहिषी (मुख्य राणी) नदसीअकस ने मथुरा में बौद्ध स्तूप तथा सर्वास्तिवादी बौद्धों के लिये संघाराम (मठ) बनवाया जिसका लेख एक थंभे के सिंहाकृति वाले सिरे पर सिंहों के शरीर पर खुदा हुआ मथुरा से मिला है. राजुल के पुत्र आदि के तथा उस स्तूप के उत्सव में शामिल होने वाले कई अन्य पुरुषों के भी छोटे छोटे लेख उसके साथ खुदे हुए हैं जिनमें से एक ऊपर कहे हुए पतिक का भी है (ए. इं; जि. ६ पृ. १४१-४७). क्षत्रप गणपुत्रवक (?) के पुत्र कथिणिक क्षत्रप का एक लेख माणिकिआल (रावलपिंडी से क़रीब २० मील दक्षिण-पूर्व) के स्तूप में से मिले हुए पीतल के डिब्बे के ढक्कन पर खुदा हुआ है (ए. इं; जि. १२, पृ. २६६).