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भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c9.44

भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c9.44

Language
Hindi

c9.44

हिंदुस्तान का ईरान के साथ प्राचीन काल से संबंध रहा और हख्वामनी वंश के बादशाह साइरस (ई. स. पूर्व ५५८-५३०) ने पूर्व में बढ़ कर गांधारदेश विजय किया और ई. स. पूर्व ३१६ के कुछ ही बाद दारा (प्रथम) ने सिंधु तक का हिंदुस्तान का प्रदेश अपने अधीन किया जो ई. स. पूर्व ३३१ तक, जब कि यूनान के बादशाह सिकंदर ने गॉगमेला५ की लड़ाई में ईरान के बादशाह दारा (तीसरे) को परास्त कर ईरानी राज्य पर नाम मात्र के लिये अपना अधिकार जमाया, किसी न किसी प्रकार बना रहा. अत एव संभव है कि ईरानियों के राजत्वकाल में उनके अधीन के हिंदुस्तान के इलाकों में उनकी राजकीय लिपि अरमइक का प्रवेश हुआ हो और उसीसे खरोष्ठी लिपि का उद्भव हुआ हो, जैसे कि मुसलमानों के राज्य समय फ़ारसी लिपि का, जो उनकी राजकीय लिपि थी, इस देश में प्रवेश हुआ और उसमें कुछ वर्ण बढ़ाने से उर्दू लिपि बनी.