भारतीय पराचीन लिपिमाला (Bharatiya Pracina Lipimala: The Palaeography of India) c9.9
भारतीय प्राचीन लिपिमाला (Bhāratīya Prācīna Lipimālā: The Palaeography of India) c9.9
- Language
- Hindi
c9.9
१ यूनान के बादशाह सिकंदर ने ई. स. पूर्व ३२६ में हिंदुस्तान पर चढ़ाई कर पंजाब के कितने एक हिस्से और सिंध पर अपना अधिकार जमाया. ये इलाके तो यूनानियों के अधिकार में १० वर्ष भी रहने न पाये परंतु हिंदुकुश पर्वत के उत्तर के बाक्रिया (बलख़) देश में यूनानियों का राज्य दृढ़ हो गया, जहां के राजा युथिडिमस् के समय संभवतः उसके पुत्र डेमेट्रिअस की अधीनता में ई.स. पूर्व की दूसरी शताब्दी के प्रारंभ के आसपास फिर यूनानियों की चढ़ाई इस देश पर हुई और काबुल तथा पंजाब पर फिर उनका अधिकार हो गया, और ई.स. पूर्व की पहिली शताब्दी के अंत से कुछ पहिले तक कई यूनानी राजाओं का राज्य, घटता बढ़ता, बना रहा. उनके सिक्के अफ़गानिस्तान तथा पंजाब में बहुत से मिल आते हैं जिनपर एक ओर प्राचीन ग्रीक (यूनानी) लिपि के, तथा दूसरी ओर बहुधा खरोष्ठी लिपि के प्राकृत लेख हैं. (गा; कॅ. ग्री. सी. किं. बा. इं; सेट ३-१४. हा; कें. कॉ. पं. म्यू; जिल्द १, सेट १-६; और स्मि; कें. कॉ. इं. म्यू; सेट १-६).