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Pracin Bharatiya Veshabhusha c10.s2.1

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c10.s2.1

Language
Hindi

c10.s2.1

प्रायः सभी पुरुष पगड़ी पहनते थे। ऐसा लगता है कि पगड़ी के फेंटे लंबे केशों से लपेटे जाते थे। पगड़ी बांधने की अनेक विधियां थीं जिनसे पगड़ियों की अनेक आकृतियाँ बन जाती थीं। साधारणतः भरहुत की तरह पगड़ी के आगे एक लट्टू होता था। पगड़ी के एक छोर से वह ढंक जाता था ओर तीन चार लपेटों के बाद पगड़ी बंध कर तैयार हो जाती थी (आ० ६६)६। इस पगड़ी में निम्नलिखित भेद पाये जाते हैं।