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Pracin Bharatiya Veshabhusha c10.s2.11

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c10.s2.11

Language
Hindi

c10.s2.11

एक दूसरी तरह की पगड़ी में कपड़े की तह गोल लपेट कर लट्टू के सीध में रख दी जाती थी। इसके बाद कई फेंटे बांध कर पगड़ी का छोर फेंटों के नीचे से निकालकर दूसरी तरफ खोंस दिया जाता था (आ० ७१)११। इसी पगड़ी के एक भेद में पगड़ी का कुछ गोलुवां हिस्सा सिर पर तिरछा पड़ता था और उसी के चारों ओर पगड़ी लपेट ली जाती थी (आ० ७२)१२। इसी पगड़ी से एक दूसरे भेद में आगे का लट्टू ढोल के आकार का होता था (आ० ७३)१३।