Pracin Bharatiya Veshabhusha c11.2
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c11.2
- Language
- Hindi
c11.2
भारतीय इतिहास की मुख्य घटनाओं में ईस्वी प्रथम शताब्दी में इस देश में कुषाणों का आगमन है। कुषाण ऋषिक (यू० ची०) कबीले के एक अंग थे और उनका आदिम निवासस्थान चीन के उत्तर पश्चिमी भाग में था। हूणों द्वारा ई० पू० १६५ में विजित होकर ऋषिकों ने पहले तो शकों के देश पर कब्जा किया और बाद में आगे बढ़ते हुए करीब ई० पू० १० वीं सदी में उन्होंने बलख जीत लिया। कुषाण वंश के सब से प्रसिद्ध राजा कनिष्क ने पुरुषपुर (आधुनिक पेशावर) को अपनी राजधानी बनाया। कनिष्क विद्वानों का आदर करते थे और इनकी सभा में संस्कृत के प्रसिद्ध कवि अश्वघोष और प्रसिद्ध वैद्य चरक थे। कनिष्क बौद्ध थे इसलिए धर्मप्रसार के लिए इन्होंने तिब्बत, मंगोलिया और खोतान ऐसे सुदूर देशों में भिक्षु भेजे । संस्कृत बौद्ध साहित्य तथा तत्कालीन लेखों से पता चलता है कि सर्वहित कामना का इस युग में विशेष प्रचार था ।