Pracin Bharatiya Veshabhusha c11.s2.2
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c11.s2.2
- Language
- Hindi
c11.s2.2
परिमाण में निर्यात होती थी । बढ़िया मलमल की तामिल काफी कदर करते थे और बाहरी देशों में भी इसका बड़ा गहरा दाम मिलता था ५ एक प्राचीन तामिल काव्य में अय नाम के एक प्रसिद्ध राजा के नील नाग द्वारा भेंट किया हुआ एक अमूल्य मलमल का थान शिव की मूर्ति पर चढ़ाने का उल्लेख है६ । मूल सर्वास्तिवादियों के विनय में एक जगह स्त्रीरत्न के शरीर के मृदुता की उपमा कलिंग प्रावार से दी गयी है (गिलगिट टेक्स्ट्स्, भा० ३, २, पृ० ३६)