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Pracin Bharatiya Veshabhusha c11.s8.1

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c11.s8.1

Language
Hindi

c11.s8.1

इस युग में साधुओं को छोड़ कर और कोई चमड़े के बने वस्त्र नहीं पहनता था। लेकिन इस युग में भारतवर्ष और रोम में चमड़े और समूरों का काफी व्यापार होता था। पेरिप्लस का कहना है कि चीनी चमड़े और समूरों का निर्यात सिंध नदी पर स्थित बार्ब-रिकोन४८ बंदरगाह से होता था । प्लिनी के अनुसार रोम में बराबर४९ चीनी लोहा, सूत और चमड़े आते थे ।