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Pracin Bharatiya Veshabhusha c12.s8.t2.60

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c12.s8.t2.60

Language
Hindi

c12.s8.t2.60

मथुरा की स्त्रियां, कम से कम जैसा उनका मथुरा की मूर्तिकला में प्रदर्शन हुआ है, कंचुक या चोली नहीं पहनतीं। लेकिन इसके अपवाद स्वरूप आपानक दृश्यों में स्त्रियां सिले कपड़े पहने दिखलायी गयी हैं। ये स्त्रियां कमर तक कसा कंचुक जिनका घेर चूनतदार होता है (आ० २१४-२१५)६६ पहनती हैं। मथुरा से मिले एक मूर्ति के पादपीठ पर जिस पर कुषाण संवत् का उन्यासीवां वर्ष है, अंकित कुछ स्त्री मूर्तियां कंचुक पहनती हैं। कंचुक के ऊपर वे साड़ी भी पहनती हैं। इस साड़ी का एक भाग तो वह कमर में लपेट लेती थीं और उसका दूसरा भाग बायें स्तन को ढांकते हुए बायें कंधे पर डाल लेती थीं (आ० २१६)१००। साड़ी पहनने का यह ढंग गंधार में साड़ी पहनने के ढंग से मिलता जुलता है। हो सकता है ये स्त्रियां गंधार की ही हों।