Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s24.9
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s24.9
- Language
- Hindi
c13.s24.9
(३) वारबाण—वारबाण वह स्तबरक कपड़े का बना होता था जिसके चमकीले मोती के गुच्छे टंके होते थे। स्तबरक शब्द संस्कृत का न हो कर पहलवी भाषा का है। कुरान शरीफ में भी इसका जन्नत के प्रकरण में उल्लेख है । ऐसा मालूम पड़ता है कि यह काफी कीमती कपड़ा होता था । स्तबरक के उल्लेख से यह भी पता चलता है कि सासानी, ईरान और भारत से काफी व्यापारिक संबंध था१३२ । स्तवरक के उल्लेख से यह भी साफ हो जाता है कि वारबाण लोहे का बना जिरह बस्तर नहीं था। हो सकता है कि वारबाण मुगल कालीन चिल्ते की तरह एक भरा हुआ कोट हो जिसे तलवार के वार से शरीर को बचाने के लिए पहना जाता था ।