Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s30.9
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s30.9
- Language
- Hindi
c13.s30.9
उपरोक्त पांच तरह के विहित वस्त्रों में से जैन साधु एक साथ केवल दो तरह के वस्त्र ग्रहण कर सकते थे जैसे सूती और ऊनी एक साथ, अथवा तिरीट पट्ट और छाल्टी एक साथ१५० । ऐसा न करने वाला दोष का भागी होता था ।