Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s32.3
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s32.3
- Language
- Hindi
c13.s32.3
बीमार साध्वी की परिचर्या करते समय जब उसकी सफाई के लिए करवट बदलवाने की जरूरत पड़ती थी, तब साधुओं को गोपालकंचुक नाम का एक वस्त्र विशेष पहिनने की आज्ञा थी[^१७२। इस वस्त्र के आकार का पता नहीं लगता पर यह धोतीनुमा अथवा पूरी बांहों वाला कंचुक था जिसे छूत से बचने के लिए पहरा जाता था। हो सकता है यह 'एप्रन' जैसा कोई वस्त्र रहा हो।