Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s36.35
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s36.35
- Language
- Hindi
c13.s36.35
जैन साधुओं को भिन्न भिन्न तरह के जूते न पहनने देने के निम्नलिखित कारण थे, (१) चमड़े के व्यवहार के माने, गाय और दूसरे पशुओं के प्रति क्रूरता थी२१० । (२) जूतों कड़ाई से चलने में छोटे छोटे जंतुओं की हत्या होती थी२११ । (३) बिना जूता पहन कर चलने में लोग सावधानी से कांटे इत्यादि देख कर चलते थे । ऐसा करने से उन्हें क्षुद्र कीटादि