Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s44.2
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s44.2
- Language
- Hindi
c13.s44.2
दिया जाता था। इसके बीच में एक छेद होता था जिसके बीच से रेशमी अथवा सूती फीते बाहर निकाल कर छाती पर बांध दिये जाते थे२३१। उपवसन में भी इसलिए फीते लगे रहते थे कि वह जरा ऊपर खींच कर बांधा जा सके२३२। एकहरा अथवा दोहरा निवसन पांच हाथ लंबा और दो हाथ चौड़ा होता था और वह नाभि को ढकते हुए पहना जाता था। इसके दोनों छोरों में तीन गांठें लगा दी जाती थीं और वे पीछे इस तरह खोंस ली जाती थीं कि वे आंखों से छिपी रहें। निवसन के ऊपर कमरबंद भी पहना जाता था२३३।