Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s7.36
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s7.36
- Language
- Hindi
c13.s7.36
ग—चीनांशुक—बृहद् कल्पसूत्र भाष्य४३ में इसकी व्याख्या 'कोशिकाराख्यः कृमिः तस्माज्जातं' अथवा 'चीनानामजनपदः तत्र यः श्लक्ष्णतरपटः तस्माज्जातं'—अर्थात् कोशकार नामक कीड़े के रेशम से बना वस्त्र अथवा चीन जनपद के बहुत चिकने रेशम से बना कपड़ा है। निशीथ४४ में इसकी व्याख्या है 'सुहुमतरं चीर्णसुयं चीण विसए वा जातं