Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s7.41
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s7.41
- Language
- Hindi
c13.s7.41
ङ—सुवर्ण—बृहत्कल्पसूत्र भाष्य४५ की टीका में इसे सुनहरे रंग वाला रेशमी वस्त्र कहा गया है । यह रेशम के खास तरह के कीड़ों से बनाये कोशों से निकलता था । लगता है यहां आसाम के मूंगा रेशम से जिसका रंग सुनहला होता है तात्पर्य है ।