Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s7.48
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s7.48
- Language
- Hindi
c13.s7.48
१४—देसराग—आचारांगसूत्र४९ में इसे केवल रंगीन कपड़ा कहा गया है पर निशीथ चूर्णि५० में इसका निम्नलिखित वर्णन है —'जत्थविसए या रंग विधितार देसा रत्ता देसराग', जरत् विषय में जो रंग विधि है उसके अनुसार रंगा हुआ वस्त्र। इससे यह पता लगता है कि जाटों के देश अर्थात् पूर्वी पंजाब तथा पश्चिमी युक्त प्रदेश में कपड़े रंगने की कोई ऐसी विशेष प्रथा थी जो सारे देश में मशहूर थी। हो सकता है देशराग का चुनरी रंगने से संबंध हो ।