Pracin Bharatiya Veshabhusha c13.s7.7
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c13.s7.7
- Language
- Hindi
c13.s7.7
८—सहिणकल्लण—आचारांग की टीका में इस वस्त्र की व्याख्या 'वर्णछद्यादिभिश्च कल्याणानि, शोभनानि वा' अर्थात् रंग और अलंकारों से युक्त वस्त्र किया गया है२३। निशीथ२४ में इसकी व्याख्या इस तरह से है, 'कल्लाणं स्निग्धं लक्षणयुक्तं वा किञ्चि सहिणं कल्लणं चोभयो' अर्थात् कल्याण का अर्थ चिकना अथवा नकाशीदार कपड़ा होता है, कहीं कहीं वस्त्र में चिकनाई और नकाशी दोनों होती है।