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Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s2.1

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s2.1

Language
Hindi

c14.s2.1

युद्ध यात्रा पर निकले सिपाही अपनी धोती का अगला हिस्सा मोड़ कर कमर में खोंस लेते थे, जिससे चलने में धोती लपटे नहीं । धोती के बंधन में मजबूती लाने के लिए कमरबंद भी पहनते थे (आ० २७४)४ । इस कमरबंद के सिरे नाभि के नीचे लगी दो चूड़ियों के बीच से निकाल दिये जाते थे । अक्सर उनकी धोती घुटनों तक ही पहुंचती थी (आ० २७५)५ । सिपाही पगड़ी भरी बांह के कंचुक और धोती भी पहनते थे (आ० २७६)६ ।