Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s28.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s28.1
- Language
- Hindi
c14.s28.1
जैसा हम पहले कह आये हैं गुप्त-युग में भारत और एशिया के और देशों से विशेष-कर चीन और ईरान से सांस्कृतिक सम्बन्ध बढ़ा- जिसका उदाहरण हम अजंटा के भित्ति-चित्रों में ईरानियों के चित्रों से पा सकते हैं। मध्य एशिया की भारतीय औपनिवेशिक संस्कृति का, जिस पर भारत और चीन दोनों देशों की स्पष्ट छाप है, अध्ययन हम मध्य एशिया के भित्ति-चित्रों और मंडल चित्रों से कर सकते हैं। इन चित्रों में अजंटा के चित्रों की स्पष्ट छाप है । यह स्पष्ट है कि भूस्यापकों और यात्रियों द्वारा इस देश की संस्कृति मध्य एशिया में पहुंची और वहां की संस्कृति यात्रियों, व्यापारियों तथा विजेताओं द्वारा इस देश में आयी । मध्य एशिया का प्रभाव हम इस युग में भारतीय वेश-भूषा पर साफ तरह से देखते हैं। यह प्रभाव कोई नगण्य नहीं था, क्योंकि अजंटा के भित्ति-चित्रों में बहुधा हम टोपियां, पाजामे, कंचुक और पूरे बूट देखते हैं जो इस देश में मध्य एशिया से आये ।