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Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s31.7

Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s31.7

Language
Hindi

c14.s31.7

डोरीदार फ्राक की तरह कपड़ा पहने हैं (आ० ३९६) १४७। उसी लेण के एक दूसरे चित्र में एक चामरग्राहिणी हंस दुकूल का बना कपड़ा पहने हुए हैं (आ० ३९७)१४८। पद्मपाणि वाले चित्र में बोधिसत्व के पीछे खड़ी हुई दासी जो विदेशी नस्ल की मालूम पड़ती है, लंबा कंचुक और विचित्र तरह की कुलाहनुमा टोपी जिसके चार कसीदेदार फटके ऊपर मुड़े हुए हैं, पहने हैं (आ० ३९८)१४९। चामरग्राहिणियां साड़ी भी पहनती थीं। १ नं० की लेण के एक भित्ति-चित्र में राजसिंहासन के नीचे एक चामरग्राहिणी साड़ी, जिसका एक हिस्सा मोड़ कर उसने कंधे पर चादर की तरह डाल रक्खा है, पहने हैं१५०। नं० १७ की लेण के एक भित्ति-चित्र में एक चामरग्राहिणी गले में रुमाल, धारीदार जांघिया और दुपट्टा, जिसके छोर लहरा रहे हैं, पहने हैं१५१। अजंटा के काशिराज की सभा वाले चित्र में राजा के पीछे खड़ी चामरग्राहिणी एक फूल से सुशोभित ऊंची टोपी पहने है (आ० ३९९) १५२। उसी चित्र में दायीं ओर मंत्री के पीछे एक चामरग्राहिणी कुलाहनुमा टोपी और छाती ढंकती हुई एक पतली चादर पहने हैं (आ० ४००)।