Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s8.t3.1
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s8.t3.1
- Language
- Hindi
c14.s8.t3.1
कुमारगुप्त प्रथम के राज्यकाल में जब गुप्त-साम्राज्य अपनी चोटी पर पहुंच चुका था, हम उस जातीय पहरावे की चलन देखते हैं जिसमें से कुषाण युग के पाजामे और पूरे बूट निकाल दिये गये थे। साधारणतः कुमारगुप्त प्रथम चाकदार कंचुक और घुटनों तक की धोती पहने दिखलाये गये हैं (आ० २९३)२७। कभी कभी यह धोती एड़ी तक पहुंचती थी२८। पगड़ी की जगह चूर्ण कुंतल देख पड़ते हैं। कमरबंद का फंदा बायीं ओर होता है और उसके सिरे उसी ओर लटका करते थे२९।