Pracin Bharatiya Veshabhusha c14.s9: अजंटा के भित्ति-चित्र में राजाओं और उच्चपदस्थ राजकर्मचारियों की वेश-भूषा
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c14.s9
- Language
- Hindi
अजंटा के भित्ति-चित्र में राजाओं और उच्चपदस्थ राजकर्मचारियों की वेश-भूषा
c14.s9.1
अजंटा के भित्ति-चित्रों में राजाओं का पहरावा बड़ा सादा यानी केवल धोती दुपट्टे का होता था, लेकिन वस्त्रों के इस सादेपन को वे अपने रत्न जटित मुकुटों की कारीगरी से पीछे डाल देते थे। इस बात में संदेह है कि पेचीदी कारीगरी वाले मुकुट यथार्थ में व्यवहार में लाये जाते थे अथवा नहीं, क्योंकि तत्कालीन साहित्य इनकी ओर संकेत नहीं करता, तथा तत्कालीन गुप्त सिक्कों की राजमूर्तियों की वेश भूषा में भी इनका पता नहीं चलता। संभव है सादी कारीगरी वाले मुकुट यथार्थ में राजाओं द्वारा पहने जाते हों, लेकिन बहुत पेचीदी कारीगरी वाले मुकुट तो देवताओं और बोधिसत्वों के लिए ही थे।
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अजंटा के एक भित्ति-चित्र में राजा बिंबिसार एक लाल और नीली धारियों वाली धोती और डब्बेदार कमरबंद पहने हैं। इनकी पगड़ी अथवा टोपी एक सरपेंच से, जिसके दोनों ओर टिकरें लगे हैं, सुसज्जित है (आ० २९५)३३।
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३३ हेरिंगम, अजंटा फ्रेस्कोज, प्ले० १, १, केव १७
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अजंटा में चित्रित काशिराज बारीक धोती जो कमर पर पेटी से बंधी है पहने हैं। पटके का छोर जमीन पर लहरा रहा है। उनके बायें कंधे पर एक संकरा धारीदार दुपट्टा है। उनकी ऊंची टोपी फूलों और सितारों से सज्जित है (आ० २९६)३४।
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३४ वही, प्ले० २५, २७
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एक दूसरी जगह राजा धारीदार धोती जिसका एक खाना मोटी धारियों से सज्जित है, पहरे हैं। उनकी धातु-निर्मित टोपी के चोटी और बगलों पर फुल्ले हैं (आ० २९७)३५।
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३५ वही, प्ले० २२, २४
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विश्वंतर जातक के चित्रण में राजकुमार विश्वंतर राज महल के बाहर निकलते समय आधे बांह का कसा हुआ कंचुक (कूर्पासक), कमरबंद सहित धोती और कुलाहनुमा टोपी पहने दिखलाये गये हैं (आ० २९८)३६। उसी चित्र में राजमहल के अंदर ब्राह्मणों को दक्षिणा बांटते हुए विश्वंतर खूब कामदार मुकुट, छाती को ढंकता हुआ आधे बांह का कसा कंचुक (कूर्पासक) जो मोतियों पर गाँठ से सजा है, उमठे दुपट्टे से बना वैकक्ष्य, छोटी धोती तथा करधनी, जिसके फूंदने नीचे लटक रहे हैं, पहरे हैं (आ० २९९)।
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३६ वही, प्ले० २२, २४
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एक दूसरे चित्र में घोड़े पर सवार एक राजकुमार एक पूरे बांहों वाला कंचुक, छोटी धोती और कमरबंद, जिसमें कटार खुसी है, पहने दिखलाया गया है (आ० ३००)३७।
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३७ वही, प्ले० ८, १०
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२६६
c14.s9.14
३००
c14.s9.15
३०१
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३०२
c14.s9.17
३०३
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बाघ गुफा के एक भित्ति-चित्र में एक राजा धारीदार धोती और जड़ाऊदार चौखूटा मुकुट पहने है (आ० ३०१)। उसी चित्र में एक दूसरा राजा तिकोना मुकुट पहने दिखाया गया है (आ० ३०२)३८।
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३८ वही, प्ले० ८, १०
c14.s9.20
राजाओं की रूढ़िगत वेश-भूषा का सुंदर चित्रण पद्मपाणि के चित्र में हुआ है। इसमें आभूषणों की संख्या कम, पर आकर्षक है। धोती धारीदार है और उसके कुछ खानों में चार-खाने बने हैं (आ० ३०३)३९। एक दूसरी जगह अवलोकितेश्वर करधनी से बंधी लाल हरी धारियों वाली धोती और जड़ाऊदार त्रिकूट मुकुट पहने दिखलाये गये हैं४०। एक तीसरी जगह एक राजा धारी और चारखाने दार धोती और पैरों के बीच लटकता दुपट्टा पहरे हैं तथा दीवार में लगे एक फंदे में अपना बायां हाथ डाल कर सुखपूर्वक खड़े हैं (आ० ३०४)४१। एक नागराज बारीक काम का मुकुट, तथा कमरबंद के कई फेंटों से बंधी धोती पहने हैं४२। लेण १७ के एक भित्ति-चित्र में एक राजा भरे काम वाला मुकुट, धोती और करधनी पहने हैं और उनके कमरबंद के छोर नीचे लटक रहे हैं४३।
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३९ मार्शल, दि बाघ केव्स, प्ले० बी०
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४० हरिंघम, वही, प्ले० १०, १२
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४१ वही, प्ले० १०, १२
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४२ ग्रिफिथ, अजंटा, भा० १
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४३ हेरिंगम, वही