Pracin Bharatiya Veshabhusha c15.131
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c15.131
- Language
- Hindi
c15.131
पेशांसि, पेशवाज, १७ पेस, कसीदा, १५१ पेसकारसिप्प, कसीदागरी, २६ पेसलाणि, पदमीने की चादरें, १५१ पोत्तग, शायद ताड़पत्र के बने कपड़े, १४५, १६३ पौंडरीक, पुंड्र का बना पटोरा, ५५ पौंड्र, क्षौम के लिए प्रसिद्ध, ५५;—क, पुंड्रका दुकूल, ५५ पौलस, बीस देश की स्त्रियां, १४१ प्रघात, नाभिसे लटकता छोर, १८, २१ प्रच्छदपट, चादर, १५५ प्रतिकर्म, वेशभूषा, १३९ प्रतिग्रह, अंगुस्ताना, ४३ प्रतिधि, स्तनपट्ट, १८, १९ प्रतोद, चाबुक, २३ प्रत्यस्तरण, आसन, ३५ प्रपदीन, अंगरखा, १५८ प्रवयण, ताने का ऊपरी भाग, १७ प्रसाधन, १३९ प्राचीनतान, आगे खींचा ताना, १५, २१ प्रावर, चादर, ६१;—क, ५४, १६५ प्रावरण, परदे, ५७, ५८;— पोतु, १०२ प्रावार, ५९, १५७ प्रावारक, थुलमा, ९७, १६८ प्रावृत, १४७ प्रैंयक, एक तरह का समूर, ४८ फलक, ९७, ९९;—चीर, फराटी से बने कपड़े, ३१, ३५ फलनिर्व्वत्ति, कारीगरी के अनुसार वेतन, ५७ फाल, फल के रेशे से बना कपड़ा, १४४ फालिय, स्वच्छ कपड़ा, १५० फांसुका, ६३ फुट्टक, छींट, ९७, ९९, १०१ बंध, जूते का बंद, १७३ बंधन, जोड़ना, ४४ बम्बर, बर्बर देश, १४१ बरासी, बरस की छाल का कपड़ा, १२-१३, १५४ बहन्न, केहुनी पर लगे टुकड़े, ४५-४६ बहिनियसनी, जैन साध्वियों के पहनने का एक तरह का कपड़ा, १६९ बादर, सूती कपड़े, १५७ बालकंबल, ३५ बाबेरुजातक, १, २ बिसौ, एक तरह का चमड़ा, ४८ बूट, ११७, १४०, १४२, १४३, १७८, १८५, १८६, १९४, १९८, २०७, २१०, २१४, २१५, २१९ बोंडज, सूती कपड़ा, १४५ भंगिम, भंगेला, १४५, १६७, १६४ भांगिक, भंगेला, ३१ भांडवेतन विनिमय, सूत लेकर मजदूरी, ५८ भाष्यक, मोटी चादर, ५४ भिगिसी, नैपाली कंबल, ५३ भेवजपरिष्कार चीवर, १७५ मंडल, गोल सिलाई, ९५ मज्जार, एक तरह का तृण, ३१ मणिवर्म, जिरहबस्तर, १०२ मणिनिम्भोदकवान, पालिशदार दुकूल, ५५ मदुरा, वहां का चमाजा १०९ महबोन, एक तरह का कमरबन्द, ३८ मत्स्यवालक, धोती बांधने का एक तरीका, ३८ मध्य एशिया, वहां के कपड़े, ५९, ६० ममूस, दरजी, १५ मलमल, ढाका की, ६१; ९३; रोम में, ९४ मलय, रेशमी वस्त्र, १४८ मल्लककाबद्ध, जांघिया, १६९ मल्लचलन, जांघिया, १६९ मसालिया, मसलीपट्टम की मलमल, ९४ मसूरक, गोल तकिया, १६९ मसुण, चिकना वस्त्र, १६५ महाधन, कीमती वस्त्र, १४९ महाबिसौ, एक तरह का चमड़ा, ४८ मागधिका, मगध का बना पटोरा, ५६
Cites (1)
- Jātaka — Pāli