Pracin Bharatiya Veshabhusha c15.176
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c15.176
- Language
- Hindi
c15.176
सिलाई, ३, १५ से, १९, ४१ से, ४४, ४५, ६८, ८५, ९०, १६४ से सिलो, बुनना, १५ सिले, तामिल, बुनना, १५ सौवेय्यक दुस्सा, शिविवेश का दुशाला, २९-वस्त्र, कपड़ा २९ सुखुमसुत्त, महीन सूत, २७ सुचेलक, कीमती कपड़े, १५४ सुत्तलक, ऊंचा नीचा रफू, ४६ सुन्धयः धुला कपड़ा, १० सुरभि, बदन पर ठीक बैठने वाला कपड़ा, १६ सुरुचन, सुचना, ५३ सुवर्ण, घोल या द्रुति बनाने की विधि, १५२; सुनहरा कपड़ा, १४९ सुवर्णकुड्यक, सुवर्णकुडया का दुकूल, ५५; पटोरा, ५५ सुवसन्, अच्छा कपड़ा, १५ सुवासस्, अच्छे कपड़े पहनने वाले, १६ सुवासा-उर्णावती, सिंध घाटी का नाम, १० सुसनड, गंढी, ३१ सूचिकार, ४२-४३ सूची, ४२; -वान्, सूईकारी, १७; नालिका, रखने की नली, ४२ सूत, २८, ३१, ३२, ५६, ५७, ५८, ८६, ९३ सूत्रशाला, ५९ सूत्राध्यक्ष, उसके कर्तव्य, ५७-५८ सेलुग, एक तरह की कपास, १५४ सौत्तिक, सूत बेचने वाला, २६ सौमित्तिका, ओहार या झूल, ५२ स्कंधकरणी, जैन साध्वियों का एक वस्त्र, १७० स्तनमट्टू, १९; १११, १५९, २२०, २२४, २२९ स्तवस्क, एक तरह का ईरानी कपड़ा, १६०, १६१ स्पूण, वहां के कीमती वस्त्र, १६८-१६७ स्थूलशाटक, मामूली कपड़े, १५४ स्वस्तिक, एक तरह की नक्काशी, १५३ स्निग्धंश्व, धुले कपड़े, १६ हप्तथर, झूल, ३३ हर्ममी, किखाब, ९७ हस्तिशौंडिक, धोती बांधने का एक तरीका, १८ हिरण्यवस्त्र, किखाब, ३१ हिरिवस्त्र किखाब, ९७ हंस दुकूल, १४४, १४५, १४७, १४८, २२९