Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.23
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.23
- Language
- Hindi
c4.23
आर्य नीवि (लंगोटी), वासस् और अधिवास पहनते थे। नीवि शायद तहमतनुमा वस्त्र था। कोई-कोई इसकी व्युत्पत्ति तमिळ मइ से जिसका अर्थ बुनना है, करते हैं। नीवि से प्रघास अथवा पटका लटका होता था जो फूदनों से सजा होता था। स्त्रियां और पुरुष दोनों अपने शरीर को ढाकने के लिए उपवसन, पर्याणहन, द्रापि और अत्क पहनते थे। उपवसन और पर्याणहन चादर थे और प्रथिधि स्तन पट्ट। अत्क पूरे शरीर का लंबा चंगुल था और द्रापि कोई कोटनुमा वस्त्र। उष्णीष, जिसका उल्लेख सर्व
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