Pracin Bharatiya Veshabhusha c4.39
Prācīn Bhāratīya Veśabhūṣā c4.39
- Language
- Hindi
c4.39
साधारण गृहस्थ अंतरवासक, उत्तरासंग और उष्णीष पहनते थे । स्त्रियां और पुरुष दोनों ही कंचुक पहन सकते थे । स्त्रियां मजबूत साड़ियां पहनती थीं । लोग अपने कपड़े बड़े संवार कर पहनते थे और अपने शरीर पर फबने वाले रंग के कपड़े ही उनको विशेष प्रिय थे । स्त्रियां तो अपने कपड़े बड़े ही सुरुचि से संभाल कर पहनती थीं। धोती हस्तिशौंडिक (हाथी के सूंड जैसी), मत्स्यवालक (मछली की पूंछ जैसी), चतुकर्णक (चौकोर), तालवृंतक (पंखे के आकार की), और शतवल्लिक (सौ चूनटों वाली) ढंग से पहनी जाती थी । कमरबंद या कायबंध कई तरह के होते थे यथा कलाबुक (रस्सी का बना) ढेड्डुभक (डेढ़े सांप की शक्ल का) मुरुज (ढोल के आकार का), और मद्दुवीन (अलंकार सहित) । स्त्रियां भी कमरबंद और पटके